उदयपुर में दीपावली के उत्सवी माहौल के बीच नगर निगम का बहुप्रतीक्षित दीपावली मेला बुधवार से शुरू होगा। मेले में इस बार बॉलीवुड की पार्श्व गायिका पलक मुच्छल के गीतों से लेकर भजन, लोक संगीत, स्टैंडअप कॉमेडी और अखिल भारतीय कवि सम्मेलन तक का रंग देखने को मिलेगा।सात दिन तक सांस्कृतिक संध्याएं सजेंगी, जबकि दुकानें और झूले 11 नवंबर तक संचालित होंगे। खास बात यह है कि निगम ने स्थानीय प्रतिभाओं को भी दो दिन मंच देने की व्यवस्था की है।
नगर निगम प्रांगण में बुधवार शाम 7.30 बजे मेले का उद्घाटन जनजाति क्षेत्रीय विकास एवं गृह रक्षा विभाग मंत्री बाबूलाल खराड़ी के मुख्य आतिथ्य में होगा। निम्बार्क पीठ अस्थल आश्रम के मेवाड़ महामंडलेश्वर रासबिहारी शरण का सानिध्य रहेगा। सांसद मन्नालाल रावत, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे।
पलक मुच्छल के गीतों से सजेगी 30 अक्टूबर की शाम
मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में इस बार हर दिन अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे। पहले दिन 28 अक्टूबर को चर्चित भजन गायिका अनामिका अंबर और छोटू सिंह रावणा प्रस्तुतियां देंगे। दूसरे दिन 29 अक्टूबर को रेपरिया बालम बैंड और फकीरा खान फोक बैंड अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।30 अक्टूबर की शाम मेले के प्रमुख आकर्षणों में रहेगी। इस दिन हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय पार्श्व गायिका पलक मुच्छल प्रस्तुति देंगी। पलक ने 'आशिकी 2' के गीत 'चाहूं मैं या ना' और 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' के गीत 'कौन तुझे' जैसे लोकप्रिय गानों से खास पहचान बनाई है।31 अक्टूबर को उदयपुर के स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा। एक नवंबर को पहली बार स्टैंडअप कॉमेडी नाइट आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रसिद्ध कॉमेडियन गौरव गुप्ता दर्शकों को हंसाएंगे। दो नवंबर को फिर स्थानीय प्रतिभाएं अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। तीन नवंबर को वंडर सीमेंट की ओर से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा, जिसमें शैलेश लोढ़ा सहित प्रसिद्ध कवि काव्य पाठ करेंगे।
दुकानें, झूले और खरीदारी का भी रहेगा आकर्षण
मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनोरंजन और खरीदारी की भी व्यवस्था की गई है। नगर निगम के सामने स्थित मैदान में झूले लगाए जाएंगे, जबकि दक्षिणी और पीछे के मैदान में खानपान तथा विभिन्न उत्पादों की दुकानें रहेंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।
नगर निगम महापौर पारस सिंघवी के अनुसार, मेले में दुकानों से 1 करोड़ 1 लाख 11 हजार रुपये और झूलों से 85 लाख 11 हजार रुपये की आय हुई है। इस तरह निगम को इन दोनों मदों से कुल 1 करोड़ 86 लाख 22 हजार रुपये की आय हुई है।
सुरक्षा से लेकर पार्किंग तक इंतजाम
मेले के व्यवस्थित संचालन के लिए नगर निगम ने 21 समितियां बनाई हैं। महापौर पारस सिंघवी की अध्यक्षता में प्रशासनिक समिति सहित विभिन्न समितियां आयोजन की व्यवस्थाएं संभालेंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए विशाल मंच तैयार किया गया है। प्रेस, वीआईपी और दर्शक दीर्घाओं के साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कवरेज के लिए मचान बनाया गया है।आयोजन स्थल पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का निगम परिसर में लगाए जाने वाले प्रोजेक्टरों पर सीधा प्रसारण भी किया जाएगा। सुरक्षा के लिए पुलिस, सुरक्षा गार्ड, होमगार्ड और महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की व्यवस्था की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी। निगम ने आयोजन के लिए दुर्घटना बीमा भी करवाया है।
आयोजन स्थल पर नियमित सफाई के लिए अलग टीमें लगाई जाएंगी और जगह-जगह कचरा पात्र रखे जाएंगे। पेयजल, विद्युत आपूर्ति और जनरेटर की व्यवस्था भी की गई है। फायर ब्रिगेड की आवाजाही में परेशानी न हो, इसके लिए स्वागत द्वारों की ऊंचाई का विशेष ध्यान रखा गया है।
वाहनों की पार्किंग के लिए टाउनहॉल की नवनिर्मित पार्किंग, श्रमजीवी कॉलेज और आरसीए लिंक रोड पर व्यवस्था की गई है। निगम का दावा है कि व्यवस्थाओं को इस तरह तैयार किया गया है कि मेले में आने वाले शहरवासियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
15 दिन तक उत्सव का माहौल
नगर निगम के दीपावली मेले में 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जबकि दुकानें और झूले 11 नवंबर तक चलेंगे। स्थानीय कलाकारों, बॉलीवुड संगीत, लोक संस्कृति, हास्य और कवि सम्मेलन के मेल के साथ निगम को उम्मीद है कि इस बार भी मेला शहरवासियों के लिए मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बनेगा।
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