जयपुर। नशे की तस्करी से अर्जित संपत्ति पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अजमेर जिले के अरांई थाना पुलिस की कार्रवाई के बाद मादक पदार्थ तस्करी के आरोपी दिनेश रेबारी की करीब 15 लाख रुपए की संपत्ति फ्रीज कर दी गई है। इसमें करीब 8.70 लाख रुपए कीमत की एक वेन्यू कार और ग्राम छोटालाम्बा में स्थित करीब 5.73 लाख रुपए का आबादी भूमि का प्लॉट शामिल है। दोनों संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 14.43 लाख रुपए है। पुलिस के अनुसार, ये संपत्तियां नशे की तस्करी से अर्जित अवैध आय से खरीदी गई थीं। संपत्ति फ्रीज करने के आदेश एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 (एफ) (2) के तहत जारी किए गए हैं।
दो मामलों में चालान, तीसरे मामले में फरार
पुलिस के अनुसार, आरोपी दिनेश रेबारी पुत्र रूपाराम (28), निवासी रेबारियों की ढाणी, छोटालाम्बा, थाना अरांई, जिला अजमेर के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के दो प्रकरणों में न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है। दोनों मामले फिलहाल विचाराधीन हैं। वहीं, आरोपी वर्तमान में अरांई थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक अन्य प्रकरण में फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
दस्तावेज जुटाए, फिर दिल्ली के सक्षम प्राधिकारी के समक्ष पहुंचा मामला
संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई के लिए पुलिस ने तस्करी से अर्जित संपत्ति से खरीदे गए वाहन और आबादी भूमि के प्लॉट से संबंधित दस्तावेज तथा अन्य रिकॉर्ड संबंधित विभागों से जुटाए। आवश्यक अनुमोदन के बाद 25 सितंबर 2026 को ई-कोर्ट पोर्टल के माध्यम से एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 (एफ) (2) के तहत संपत्ति फ्रीज करने का इस्तगासा सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, दिल्ली के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
मामले में सक्षम प्राधिकारी ने 23 अक्टूबर को आदेश जारी कर आरोपी की दोनों संपत्तियों को फ्रीज करने के निर्देश दिए। इस तरह पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी की करीब 14.43 लाख रुपए मूल्य की संपत्ति पर कानूनी शिकंजा कस गया।
आरोपी ने पेश किए बचाव में दस्तावेज, पुलिस ने की प्रभावी पैरवी
संपत्ति फ्रीज करने की प्रक्रिया के दौरान आरोपी की ओर से बचाव में कई तथ्य और दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। पुलिस ने इन तथ्यों के जवाब में समय पर अपना पक्ष रखा और प्रभावी पैरवी की। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने संपत्तियां फ्रीज करने के आदेश जारी किए।
पुलिस मुख्यालय के अभियान के तहत कार्रवाई
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय की ओर से एनडीपीएस एक्ट के तहत चालानशुदा अपराधियों के विरुद्ध धारा 68 (एफ) (2) में कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
पुलिस अधीक्षक अजमेर हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. लालचन्द कायल तथा वृत्ताधिकारी किशनगढ़ ग्रामीण आयुष वशिष्ठ के मार्गदर्शन में अरांई थानाधिकारी उपनिरीक्षक राजमल कुमावत ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
कार्रवाई का मुख्य पहलू: पुलिस ने केवल मादक पदार्थ तस्करी के मामले में कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय आरोपी की कथित अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को फ्रीज कराने की कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की। इससे नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति पर आर्थिक कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ।